Description
अमृत धारा 10ML – उपयोग और फायदे
अमृत धारा (Amrit Dhara) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है जो विशेष रूप से पाचन तंत्र से जुड़ी परेशानियों और सामान्य रोगों में लाभकारी मानी जाती है। यह तरल रूप (liquid drops) में उपलब्ध होती है और 10ML की छोटी बोतल में सबसे अधिक प्रयोग होती है।
🔹 अमृत धारा क्या है?
अमृत धारा एक आयुर्वेदिक मिश्रण है जिसमें पुदीना सत (Peppermint extract), कपूर (Camphor), अजवाइन सत (Ajwain extract) जैसे औषधीय तत्व शामिल होते हैं। ये सभी घटक मिलकर शरीर में कई तरह की समस्याओं से राहत प्रदान करते हैं।
🔹 अमृत धारा के मुख्य उपयोग (Uses of Amrit Dhara)
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पेट दर्द और गैस की समस्या में
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भोजन न पचने, गैस, कब्ज या दस्त की स्थिति में अमृत धारा अत्यंत लाभकारी है।
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सिरदर्द और माइग्रेन में
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माथे पर हल्की मालिश करने या थोड़ी मात्रा सेवन से सिरदर्द कम होता है।
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खांसी और जुकाम में
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गुनगुने पानी या शहद के साथ लेने पर खांसी-जुकाम से राहत मिलती है।
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मितली और उल्टी की समस्या में
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यात्रा (Travel Sickness) या भोजन खराब लगने पर इसका सेवन तुरंत राहत देता है।
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दांत दर्द और कीड़े में
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रुई पर लगाकर दांतों में रखने से दर्द और संक्रमण में लाभ मिलता है।
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🔹 अमृत धारा के फायदे (Benefits of Amrit Dhara)
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पाचन शक्ति में सुधार करता है।
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गैस और एसिडिटी से तुरंत राहत।
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माइग्रेन और सिरदर्द में कारगर।
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सर्दी-जुकाम, गले की खराश में फायदेमंद।
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छोटी-छोटी तकलीफों जैसे मच्छर काटने, कीड़े के काटने पर लगाने से भी राहत।
🔹 सेवन विधि (Dosage & How to Use)
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वयस्क (Adults): 1–2 बूंद आधा कप पानी, चीनी या शहद में मिलाकर दिन में 2–3 बार।
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बच्चे (Children): डॉक्टर की सलाह से ही दें।
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बाहरी उपयोग: सिरदर्द, दांत दर्द, कीड़े के काटने या छाती पर मलहम की तरह प्रयोग कर सकते हैं।
🔹 सावधानियां (Precautions)
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इसे अधिक मात्रा में न लें, वरना जलन और चक्कर आ सकते हैं।
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गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चों को देने से पहले वैद्य/डॉक्टर की सलाह लें।
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इसे हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
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केवल 1–2 बूंद ही पर्याप्त होती है, अधिक मात्रा नुकसान कर सकती है।



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